कभी तो ऐसा हो …

कभी तो ऐसा हो
मैं कुछ न कहूँ
और तुम सुन लो
मैं नज़रें चुराऊँ
और तुम देख लो
मैं उम्मीदें छुपाऊँ
और तुम जान लो
मैं हसरतें मिटाऊं
और तुम पढ़ लो
कभी तो ऐसा हो
मैं खुदको को रोकूं
और तुम पहचान लो
मैं कतरा बिखरुं
और तुम थाम लो